
जापान की स्पेस एजेंसी जाक्सा के प्रोफेसर नोरियाकी इशियोका ने बताया कि अंतरिक्ष में फोटोसेंथेसिस की प्रक्रिया का अध्ययन करना ही भारत के साथ इस संयुक्त मिशन का मकसद है। इसके तहत हम अंतरिक्ष में एक खास किस्म की एल्गी यानि काई के उगने का अध्ययन करेंगे। भारत और जापान के इस संयुक्त प्रोजेक्ट से स्पेस फॉर्मिंग, यानि अंतरिक्ष में खेती के शोध को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उधर इसरो के चेयरमैन जी माधवन नायर ने बताया कि हम अपना अगला सेटेलाइट ओशन सैट जुलाई-अगस्त तक लांच करेंगे। उन्होंने बताया कि ओशन सैट की मदद से हमें समुद्री सतह, समुद्री धाराओं के साथ वायु धाराओं और मछली पकड़ने के नए इलाकों का पहचान भी की जाएगी।
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