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सोमवार, 11 मई 2009

एक अनोखा मिलन !

ये तस्वीर हमारे सौरमंडल की एक बेहद दुर्लभ घटना की है। बृहस्पति के एक चंद्रमा के सामने से उसका दूसरा चंद्रमा गुजर रहा है। ऐसा दृश्य पहले न तो देखा गया और न ही रिकॉर्ड किया गया। सूरज की परिक्रमा के दौरान जब दो ग्रह एक दूसरे के सामने आ जाते हैं तो इसे खगोलीय भाषा में कन्जक्शन कहते हैं, लेकिन जब एक ग्रह दूसरे को छिपा लेता है तो इसे ऑकल्टेशन बोलते हैं। इस तस्वीर में पीछे नजर आ रहा छोटा पिंड बृहस्पति का चंद्रमा जैनेमीड है, जबकि उसके सामने से गुजर रहा दूसरा थोड़ा बड़ा पिंड है बृहस्पति का दूसरा चंद्रमा यूरोपा। इस अनोखी घटना की ये तस्वीर ऑस्ट्रेलिया के एस्ट्रोनॉमर एंथनी वेस्ली ने 8 मई को ली थी।
यूरोपा हमारे लिए बेहद खास है, क्योंकि बृहस्पति का ये चंद्रमा कई मीटर मोटी बर्फ की चादर से ढंका है, और इसकी बर्फ के नीचे एक विशाल सागर छिपे होने की संभावना है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यूरोपा के इस समुद्र में जीवन मौजूद हो सकता है। संभावना है कि इस सागर में विशाल जीव भी मौजूद हो सकते हैं।

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