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मंगलवार, 11 मई 2010

मंगल से पृथ्वी और चंद्रमा


देखिए, शानदार तस्वीर अंतरिक्ष के अंधेरे में खोई आधी पृथ्वी और आधे चंद्रमा की। ये तस्वीर बेहद खास है, क्योंकि हमारी पृथ्वी और उसके चंद्रमा की किसी दूसरे ग्रह से ली गई ये पहली तस्वीर है। इस तस्वीर को लिया है मंगल ग्रह की कक्षा में मौजूद नासा के स्पेसक्राफ्ट मार्स रिकॉनिसां ऑरबिटर ने। इस तस्वीर में चंद्रमा की तरह हमारी धरती भी कलाओं यानि आधी कटी हुई नजर आ रही है। हमारी धरती भी अपेक्षाकृत रूप से सूरज के नजदीक है, इसीलिए चंद्रमा, शुक्र और बुध की तरह धरती भी कलाएं बदलती नजर आती है, ये बात और है कि धरती की कलाओं को देखने के लिए मंगल जैसे किसी दूसरे ग्रह पर जाना जरूरी है।
मार्स रिकॉनिसां ऑरबिटर ने ये तस्वीर 2007 में खींची थी, और उस वक्त हमारी धरती मंगल ग्रह से 8 करोड़ 80 लाख मील दूर थी। नासा ने ये तस्वीर अब जारी की है। खास बात ये कि मंगल ग्रह से हम धरती की पूरी गोल तस्वीर तभी देख सकते हैं, जब धरती सूरज के पीछे की ओर से गुजर रही हो। लेकिन उस स्थिति में मंगल से धरती की दूरी इतनी ज्यादा बढ़ जाएगी कि पृथ्वी हमें एक नीले चमकदार सितारे जैसी ही नजर आएगी। जैसा कि ऊपर की दूसरी तस्वीर में दिखाया गया है।

गुरुवार, 6 मई 2010

मुझे एलियन्स ले गए थे - एक राष्ट्रपति का दावा

रूस में सांसद आंद्रें लेबेदेव ने राष्ट्रपति दिमित्रि मेदवेदेव से एक अजीबोगरीब जाँच करवाने का आग्रह किया है. दरअसल रूस के एक क्षेत्रीय किरसान इलयूज़िनोफड़ नेता का दावा है कि वे अंतरिक्ष यान में कुछ एलियन से मिले थे.सासंद न सिर्फ़ इसकी जाँच करवाना चाहते हैं बल्कि उन्हें तो ये भी चिंता है कि अगर एलियन रूसी नेता को अगवा कर लेते तो राष्ट्रीय हित से जुड़े कई राज़ उनसे उगलवाए जा सकते थे.
किरसान इलयूज़िनोफड़ कलमाकिया क्षेत्र के राष्ट्रपति हैं. उन्होंने टीवी इंटरव्यू में कहा है कि एलियन उन्हें अपने साथ एक अंतरिक्ष यान में ले गए थे जो धरती पर कुछ नमूने इकट्ठा करने आया था.अब चिंतित सासंद ने एक पत्र लिखा है और पूछा है कि अगर ये पूरा किस्सा एक भद्दा मज़ाक नहीं है तो ये एक ऐतिहासिक घटना है और इसकी सूचना क्रेमलिन को दी जानी चाहिए थी. उन्होंने ये सवाल भी पूछा है कि अगर सरकारी अधिकारी एलियन से टकरा जाएँ तो ऐसे में आधिकारिक गाइडलाइन क्या है.
कलमाइकिया रूस का एक बौद्ध इलाक़ा है और किरसान इलयूज़िनोफड़ 17 साल से वहाँ के राष्ट्रपति हैं.उनकी छवि एक इसेन्ट्रिक और अजीबोगरीब नेता की रही है.कलमाइकिया काफ़ी पिछड़ा हुआ इलाक़ा है लेकिन वर्ल्ड चेस फ़ेडरेशन के अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने इस क्षेत्र को खिलाड़ियों के लिए चेस का मक्का बना दिया है.अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए पूरा गाँव खड़ा कर दिया गया है.

सोमवार, 3 मई 2010

आंखें खोलकर देखो,एलियंस यहीं हैं : कनाडा के पूर्व रक्षा मंत्री

एलियंस के वजूद और धरती को उनके संपर्क से बचाने की महान एस्ट्रोफिजिसिस्ट स्टीफन हॉकिंग की सलाह पर दुनियाभर में एक नई बहस छिड़ चुकी है। लेकिन कनाडा के पूर्व रक्षामंत्री पॉल हेलर ने हॉकिंग पर आरोप लगाया है कि वो एलियंस के वजूद और उनके खतरे को लेकर गलतफहमी फैला रहे हैं। पूर्व रक्षामंत्री हेलर का दावा है कि एलियंस तो दशकों से धरती पर आते रहे हैं। उनका कहना है कि मानवता को नुकसान पहुंचाने के बजाय एलियंस स्पेसशिप्स से हमें नई टेक्नोलॉजी सीखने को मिली है और आज की माइक्रोचिप और सूचना तकनीक की क्रांति इसी मेलजोल का नतीजा है।
पूर्व रक्षामंत्री पॉल हेलर ने कनाडाई प्रेस में दावा किया है कि एलियंस के बारे में स्टीफन हॉकिंग जो कह रहे हैं, हकीकत इससे ठीक उलट है। एलियंस दशकों और शायद शताब्दियों पहले से धरती पर आते-जाते रहे हैं और मानव के ज्ञान-विज्ञान के विकास में उन्होंने बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया है। हेलर का कहनाहै कि हमारे कंप्यूटर स्क्रीन्स दरअसल एलियन स्पेसशिप की टेक्नोलॉजी हैं। उन्होंने दावा किया है कि इसके अलावा माइक्रोचिप्स, फाइबर-ऑप्टिक्स जैसी टेक्नोलॉजी हमने एलियंस के उन स्पेसशिप्स से हथियाई है, जो धरती पर किन्हीं वजहों से दुर्घटनाग्रस्त हो गए।
कनाडा के पूर्व रक्षामंत्री ने हॉकिंग पर आरोप लगाया है कि एलियंस को लेकर वो लोगों को बेवजह डरा रहे हैं। हेलर ने इस बात को लेकर हैरानी जताई कि आखिर स्टीफन हॉकिंग अपनी प्रतिष्ठा के खिलाफ जाकर इस तरह की ऊल-जलूल बात किस तरह कर सकते हैं। उन्होंने कहा है कि मैं इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण समझता हूं कि इतने ऊंचे कद का एक वैज्ञानिक एक बेहद गंभीर और महत्वपूर्ण विषय के बारे में केवल गलतफहमी फैलाने में लगा है