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सोमवार, 28 दिसंबर 2009

डॉर्विन पर बनी फिल्म विवादित

दुनिया को सबसे पहले क्रमगत विकास का सिद्धांत देने वाले महान वैज्ञानिक चाल्र्स डार्विन पर बनी ब्रिटिश फिल्म विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। क्रिएशन नाम की यह फिल्म इस कदर विवादास्पद बताई जा रही है कि कोई भी अमेरिकी डिस्ट्रीब्यूटर इसके अधिकार खरीदने के लिए नहीं है। बताया जा रहा है कि इसमें डार्विन के मानव के क्रमगत विकास के सिद्धांतों को इस तरह पेश किया गया है कि इससे अमेरिका के धार्मिक दर्शक भड़क सकते हैं।
फिल्म में विज्ञान की धारणाएं रखने वाले ब्रिटेन के पर्यावरणविद् डार्विन को आस्था और तकरें के बीच संघर्ष करते दिखाया गया है। इन्हीं तर्को के आधार पर उन्होंने 1859 में ‘ऑन द ओरिजिन ऑफ द स्पीशीज’ नामक किताब लिखी थी। इस फिल्म को जॉन एमिल द्वारा निर्देशित किया गया है। इसे हाल ही में हुए टोरंटो फिल्म फेस्टिवल के शुभारंभ के लिए चुना गया था। अब तक इसे दुनियाभर में बेचा जा चुका है, लेकिन अमेरिका के वितरकों ने इसे खरीदने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि यह फिल्म देश में कोहराम मचा सकती है, क्योंकि जो वैज्ञानिक सिद्धांत डार्विन ने दिए थे, वे अमेरिकी धार्मिक सिद्धांतों से मेल नहीं खाते। मूवीगाइड.ओआरजी नामक एक क्रिश्चियन फिल्म रिव्यू वेबसाइट सहित कई लोगों ने तो डार्विन को जातिवाद भड़काने वाला, धर्माध और सामूहिक हत्याओं की विरासत सौंपने वाला व्यक्ति बताया है। साइट ने यह भी कहा है कि उनके 18वीं सदी में दिए गए कच्चे-पक्के सिद्धांतों ने एडॉल्फ हिटलर जैसे लोगों को प्रभावित किया और अत्याचार, अपराध, क्लोनिंग और जेनेरिक इंजीनियरिंग को बढ़ावा दिया। साइट ने उनके सिद्धांतों का भी खंडन किया है।
इस मामले पर फिल्म के प्रोडच्यूसर ऑस्कर विजेता जेरेमी थॉमस का कहना है कि मैं इस तरह के विवादों से हैरान हूं। मैंने सोचा नहीं था कि ‘ऑन द ओरिजिन ऑफ द स्पीशीज’ के प्रकाशन के 150 साल बाद लोगों के मन में इस तरह की भावना है। मैं इस तरह के विवाद के खिलाफ हूं। उन्होंने कहा कि इस फिल्म के अधिकारअमेरिका में छोड़कर सभी देशों को बेचे जा चुके हैं। यहां न बिकने का कारण इतना है कि यह डार्विन पर बनी है। जिन लोगों ने इसे देखा है, वे इसे अब तक की सबसे बेहतर फिल्म बता रहे हैं। थॉमस ने कहा कि आश्चर्यजनक है कि कुछ अमेरिकी आज भी मानते हैं कि दुनिया मात्र छह दिनों में बनी थी, जो वैज्ञानिक आधार पर सही नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने फिल्म को काफी संतुलित रूप से बनाने का प्रयास किया है। डार्विन ने कभी ऐसा नहीं कहा कि धर्मो को खत्म कर दो। मेरे अनुसार डार्विन इस फिल्म के नायक हैं। फिल्म में अभिनेता पॉल बेटैनी, ने डॉर्विन का किरदार निभाया है। वहीं उनकी पत्नी जेनिफर कोनेली ही इस फिल्म में भी उनकी पत्नी के किरदार में नजर आ रही हैं।

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