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रविवार, 2 जनवरी 2011

2011 का पहला सूर्यग्रहण

3 जनवरी को सूरज धरती के सबसे नजदीक होगा, उस वक्त हमारे यहां आधी रात होगी और अगले दिन सूरज, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में आ रहे हैं, यानि सूर्य ग्रहण पड़ रहा है। 4 जनवरी को साल का पहला सूर्यग्रहण पड़ रहा है। ये सूर्य ग्रहण आंशिक है और यूरोप, अफ्रीका के उत्तरी इलाकों, मध्य-पूर्वी देशों, पश्चिमी एशिया, चीन के उत्तर-पश्चिमी इलाके, पश्चिमी मंगोलिया और भारत के उत्तर-पश्चिमी शहरों से नजर आएगा।
जिस वक्त चंद्रमा की छाया सूरज को छुएगी, भारतीय घड़ियां उस वक्त दोपहर के 12 बजकर 10 मिनट बजा रही होंगी। इस वक्त यूरोप में ग्रहण की शुरुआत हो जाएगी और सूरज पर ग्रहण लगाती चंद्रमा की छाया उत्तरी अफ्रीकी देशों से होते हुए मध्य-पूर्वी देशों से गुजरेगी। जिस वक्त सूर्य ग्रहण चरम पर होगा, भारतीय घड़ियों में दोपहरबाद 2 बजकर 21 मिनट का वक्त हो रहा होगा। इसके करीब 16 मिनट बाद ग्रहण का नजारा सबसे पहले भारत के श्रीनगर में दोपहरबाद 2 बजकर 37 मिनट 6 सेकेंड पर दिखेगा। इसके बाद शाम 4 बजकर 31 मिनट पर सूर्य ग्रहण खत्म हो जाएगा।
यूरोप में होगा खंडित सूर्योदय
4 जनवरी को पश्चिमी यूरोप का सूर्योदय ग्रहण के साथ ही होगा। 4 जनवरी को चंद्रमा आहिस्ता-आहिस्ता सूरज को ढंक लेगा और सूरज-चांद की लुकाछिपी का ये खेल उस दिन अगले 3 घंटे तक जारी रहेगा। 2011 का ये पहला सूर्यग्रहण आंशिक है। इंग्लैंड में सूर्योदय 75 फीसदी ग्रहण के साथ होगा। पेरिस और बर्लिन में भी खंडित सूर्योदय का नजारा दिखेगा और यहां 80 फीसदी ग्रहण के साथ सूर्योदय होगा। इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमी यूनियन के वर्किंग ग्रुप ऑन एक्लिप्स के अध्यक्ष प्रो. जे पासाकोफ बताते हैं कि ग्रहण के शानदार नजारे ने कई वैज्ञानिकों को बचपन में प्रभावित किया है। इसलिए आम लोगों खासतौर पर छात्रों को ग्रहण का खूबसूरत नजारा जरूर देखना चाहिए। लेकिन ग्रहण देखते वक्त आंखों की सुरक्षा का खास ख्याल रखना भी बेहद जरूरी है।
सूरज कितना कटेगा
ये सूर्यग्रहण आंशिक है और पश्चिमी एशियाई इलाके में जब सूर्य ग्रहण चरम पर होगा तब सूरज का 85 फीसदी हिस्सा कटा हुआ नजर आएगा। भारत में ग्रहण का सबसे अच्छा नजारा श्रीनगर से दिखेगा, जहां सूरज देश में सबसे ज्यादा 18 फीसदी कटा हुआ नजर आएगा।
भारत के तीन शहरों श्रीनगर, अमृतसर और जालंधर में ग्रहण का सबसे शानदार नजारा दिखेगा। मुंबई के तटीय इलाकों की निगरानी भी की जा सकती है, क्योंकि संभव है कि समुद्र में ज्वार आ जाए। क्योंकि सूरज सबसे नजदीक होगा और धरती, चंद्रमा और सूरज एक सीध में होंगे
देश में ग्रहण कहां-कहां नजर आएगा
देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से के प्रमुख 12 शहरों और उनके आसपास के इलाकों से ही इस ग्रहण को देखा जा सकता है। इन शहरों की लिस्ट और वहां ग्रहण का समय इस प्रकार है -
1. श्रीनगर - ग्रहण की शुरुआत 2 बजकर 37 मिनट से - ग्रहण की समाप्ति शाम 4 बजकर 17 मिनट पर - यहां से सूरज सबसे ज्यादा यानि 18 फीसदी तक कटा नजर आएगा
2. अमृतसर - ग्रहण की शुरुआत 2 बजकर 45 मिनट से - ग्रहण की समाप्ति शाम 4 बजकर 11 मिनट पर - यहां से सूरज करीब 13 फीसदी कटा नजर आएगा
3. जालंधर - ग्रहण की शुरुआत 2 बजकर 48 मिनट से - ग्रहण की समाप्ति शाम 4 बजकर 9 मिनट पर - यहां से सूरज का 11.5 फीसदी तक हिस्सा कटा नजर आएगा
4. शिमला - ग्रहण की शुरुआत 2 बजकर 57 मिनट से - ग्रहण की समाप्ति शाम 4 बजकर 6 मिनट पर - यहां से सूरज 8 फीसदी तक कटा नजर आएगा
5. चंडीगढ़ - ग्रहण की शुरुआत 2 बजकर 57 मिनट से - ग्रहण की समाप्ति शाम 4 बजकर 5 मिनट पर- यहां से भी सूरज 8 फीसदी तक कटा नजर आएगा
6. देहरादून - ग्रहण की शुरुआत 3 बजकर 5 मिनट से - ग्रहण की समाप्ति शाम 4 बजे - यहां से सूरज 5 फीसदी तक कटा नजर आएगा
7. द्वारका - ग्रहण की शुरुआत 3 बजकर 7 मिनट से - ग्रहण की समाप्ति शाम 3 बजकर 28 मिनट पर- यहां सूरज 0.6 फीसदी तक कटेगा, जो सामान्य तौर पर नजर नहीं आएगा
8. हरिद्वार - ग्रहण की शुरुआत 3 बजकर 8 मिनट से - ग्रहण की समाप्ति शाम 3 बजकर 58 मिनट पर - यहां सूरज 4 फीसदी तक कटेगा
9. दिल्ली - ग्रहण की शुरुआत 3 बजकर 11 मिनट से - ग्रहण की समाप्ति शाम 3 बजकर 52 मिनट पर - यहां सूरज 2.7 फीसदी तक कटेगा, जिसे सामान्य तौर पर देखा नहीं जा सकेगा
10. अजमेर - ग्रहण की शुरुआत 3 बजकर 13 मिनट से - ग्रहण की समाप्ति शाम 3 बजकर 43 मिनट पर - यहां सूरज 1.4 फीसदी तक कटेगा, जिसे सामान्य तौर पर देखा नहीं जा सकेगा
11. जयपुर - ग्रहण की शुरुआत 3 बजकर 19 मिनट से - ग्रहण की समाप्ति शाम 3 बजकर 40 मिनट पर - यहां सूरज 0.7 फीसदी तक कटेगा, जिसे सामान्य तौर पर देखा नहीं जा सकेगा
12. नैनीताल - ग्रहण की शुरुआत 3 बजकर 22 मिनट से - ग्रहण की समाप्ति शाम 3 बजकर 47 मिनट पर - यहां सूरज 1.1 फीसदी तक कटेगा, जिसे सामान्य तौर पर देखा नहीं जा सकेगा

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