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सोमवार, 13 अप्रैल 2009

बदल जाएगा ध्रुव तारा




ध्रुव तारे को तो आपने जरूर देखा होगा। अगर नहीं देखा, तो उसे आज ही देखिए। बचपन में बिजली अकसर गुल रहने का फायदा ये था कि हम सब खुले आसमान के नीचे छत पर सोते थे। मेरी मम्मी ध्रुव तारे के बारे में बताती थीं कि ध्रुव तारा सुबह 4 बजे नजर आता है। 4 बजे सुबह उठना केवल परीक्षा के दिनों में ही मुमकिन होता है, और तब उठते ही हम पढ़ने बैठ जाते थे, इसलिए लंबे वक्त तक ध्रुव तारे से मुलाकात नहीं हो पाई। काफी बाद में जब खगोल विज्ञान में दिलचस्पी हुई तब पहली बार मैं ध्रुव तारे के आमने-सामने हुआ, और ये जानकर मुझे खुशी हुई कि ध्रुव तारा तो शाम ढले ही नजर आने लगता है। मैंने ये बात अपनी मां को भी बताई।
उत्तर दिशा की ओर क्षितिज से कुछ ऊपर आपको रोज अपनी जगह अटल जगमगाता सितारा नजर आएगा, यही है ध्रुव तारा। नन्हा ध्रुव जिसने अपनी मां को उसका हक दिलाने के लिए भगवान को भी मजबूर कर दिया था। हमारा ये ध्रुव तारा अब बदल रहा है।
पुराने जमाने में लोग ध्रुव तारे को देख कर दिशा समझते थे। समंदर में भटके जहाजियों को ये ध्रुव तारा उनकी मंजिल की सही राह दिखाता था। आसमान के सारे तारे पृथ्वी के घूमने की दिशा के विपरीत घूमते से दिखते हैं। सिवाय एक..... ध्रुव तारे के। ध्रुव तारा अपनी जगह पर अटल रहता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये सितारा हमेशा पृथ्वी के ध्रुव के ठीक ऊपर रहता है। लेकिन ऐसा हमेशा नहीं रहेगा। जिस ध्रुव तारे से हमारी जान-पहचान सदियों पुरानी है वो अपनी जगह पर अब कुछ हजार साल का ही मेहमान है। उसे अपनी जगह छोड़नी होगी। इसकी जगह लेने आ रहा है आसमान का सबसे चमकदार सितारा वेगा। 16 हजार साल बाद वेगा पृथ्वी का ध्रुवतारा बन जाएगा।
वेगा पृथ्वी से 25 प्रकाशवर्ष दूर है। अंतरिक्ष विज्ञान में ये दूरी कोई खास मायने नहीं रखती, इसलिए ये भी कहा जाता है कि वेगा पृथ्वी के सबसे नजदीक सितारों में से है। 1983 में इंफ्रारेड एस्ट्रोनॉ़मी सेटेलाइट ने वेगा के चारों ओर धूल के घने बादल देखे। साइंटिस्टों ने संभावना जताई कि धूल के इन बादलों के पीछे वेगा को कोई ग्रह भी मौजूद हो सकता है। इस खोज से अंतरिक्ष विज्ञानी कार्ल सगान सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। उन्होंने अपने मशहूर उपन्यास कॉन्टैक्ट में वेगा के ऐसे ग्रह की परिकल्पना पेश की जहां दूसरी दुनिया के लोग मौजूद हैं। 1998 में जेम्स क्लार्क मैक्सवेल टेलिस्कोप से एक बार फिर सुराग मिले कि वेगा के चारो ओर मौजूद धूल के घने बादलों में कोई ग्रह भी मौजूद हो सकता है। वेगा सदियों से इंसानों को आकर्षित करता रहा है....अब वो ध्रुव तारा बनकर धरती के लोगों से सीधा रिश्ता भी जोड़ना चाहता है।

1 टिप्पणी:

  1. latest discovery profs that Vega a pole-star is distance about 25 light year from the earth live in canis majour rear system.contain a group of planet like our soler system but we have collect much information about this star environment and planetary system according to NASA it may be possible that a exoplanet remain in life zone.

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