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मंगलवार, 1 फ़रवरी 2011

झलक ब्रह्मांड के उस छोर की !


हमने अंतरिक्ष में सबसे गहराई तक झांकने का एक नया रिकार्ड बनाया है। नासा की स्पेस ऑब्जवेटरी हब्बल के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष की गहनतम झलक लेने में सफलता हासिल की है। ये झलक है ब्लू स्टार्स की एक सघन आकाशगंगा की, जिसकी रोशनी को हब्बल के कैमरों, यानि हम तक पहुंचने में 13.2 अरब साल का वक्त लगा है। 
हमारी आंखें वाकई ब्रह्मांड की सबसे नायाब कृतियां हैं। इन आंखों से हम सबसे नजदीक और अगले ही पल सबसे दूर की चीज को बस चुटकी बजाते ही देख सकते हैं। कभी सोंचा है, कि आखिर हमारी आंखें कितनी दूरी तक देख सकती हैं, इसका जवाब देना वाकई मुश्किल है। अगर हम अपने घर की छत पर खड़े हों तो हम चारों तरफ वृत्ताकार रूप में क्षितिज को देख सकते हैं। आसमान में चंद्रमा से लेकर तेज चमकदार सितारों और सबसे कम रोशन सितारों तक को हम आराम से देख सकते हैं।
एस्ट्रोनॉमी में कहते हैं कि साफ आसमान और पूरी अंधेरी रात में हम अपनी आंखों से पड़ोसी आकाशगंगा 'एंड्रोमिडा' को भी आसानी से देख सकते हैं। शहरों की बात तो छोड़ दीजिए ग्रामीण इलाकों में भी रात के आसमान की सामान्य स्थितियों में अब ये मुमकिन नहीं। फिरभी, हिल स्टेशंस, हिमालयी क्षेत्रों और ध्रुवीय इलाकों से हम मेसायर 31 या M-31 के नाम से भी मशहूर गैलेक्सी एंड्रोमिडा हमसे करीब 2.5 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर है। इसलिए ये माना जा सकती है कि हमारी आंखों की दृश्यता सीमा भी इतनी ही है, यानि हम अगर अंधेरे आसमान में नजरें जमा कर देखने की कोशिश करें तो करीब 2.5 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर तक के सितारे देख सकते हैं।
एस्ट्रोनॉमी में जब हम सितारों को देखते हैं तो दरअसल हम थर्ड और फोर्थ डायमेंशन यानि गहराई और समय में झांक रहे होते हैं। यानि हम अंतरिक्ष में जितनी दूर जितनी गहराई में झांकने की कोशिश करेंगे, उतना ही हम ब्रह्मांड की उत्पत्ति की घटना यानि बिगबैंग के अवशेषों की तरफ बढ़ते जाएंगे। बिगबैंग की घटना करीब 13 अरब 80 करोड़ साल पहले घटी थी और अब अगर हम इस घटना के समय को एक पैमाना मानें तो हमारी दुनिया और मिल्की-वे में हमारे हिस्से का आसमान बिगबैंग के 13.80 अरब साल बाद की सृष्टि है।
आंखों की सीमा से भी आगे देखने के लिए टेलिस्कोप बनाए गए। 1990 में सामान्य ग्राउंड बेस्ड ऑब्जरवेटरी के टेलिस्कोप की मदद से हमने बिगबैंग के 6 अरब साल बाद तक के आसमान की झलक देखी। 1995 में स्पेस ऑब्जरवेटरी हब्बल ने इससे भी आगे यानि बिगबैंग के डेढ़ अरब साल बाद की दुनिया की झलक दिखाई। तबसे हब्बल ऑब्जरवेटरी हर बार अपने ही इस रिकार्ड में हर बार एक नया सुधार करती चली जा रही है। हब्बल ने अब अंतरिक्ष में सबसे गहराई में फोकस करते हुए ब्लू स्टार्स की बनी ऐसी धुंधली सी आकाशगंगा खोज निकाली है, जिसका निर्माण बिगबैंग के महज 48 करोड़ साल बाद हुआ था। अगर इस आकाशगंगा की तुलना हम अपनी मिल्की-वे से करें तो हमारी मिल्की-वे जैसी आकाशगंगा बनाने के लिए इस ब्लू स्टार जैसी 100 आकाशगंगाओं की जरूरत होगी।
हब्बल स्पेस ऑब्जरवेटरी 20 साल से हमें ब्रह्मांड के एक से बढ़कर एक रहस्यों की झलक दिखा कर आश्चर्यचकित कर रही है। लेकिन अब हब्बल हमें ब्रह्मांड के सुदूर छोर से परिचित करा रही है, जो वाकई अपने आप में अदभुत है। 

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