समर्थक

शुक्रवार, 4 जून 2010

बृहस्पति ने फिर बचाया !

जुलाई 1994 में धूमकेतु शूमाकर लेवी को खुद में समा लेने और जुलाई 2009 में एक बड़ी उल्का को निगल लेने का बाद इस साल, गर्मियों में बृहस्पति एकबार फिर हमारा रक्षक साबित हुआ है। 3 जून 2010 को भारतीय समय के मुताबिक रात 2 बजकर 01 मिनट
पर बृहस्पित से फिर किसी विशाल उल्का या धूमकेतु की टक्कर हुई है। खास बात ये कि बृहस्पति पर हुई इस टक्कर के वक्त ऑस्ट्रेलिया और फिलीपींन्स के गैरपेशेवर एस्ट्रोनॉमर्स एंथोनी वेस्ली और क्रिस्टोफर गो अपने-अपने मुल्कों से टेलिस्कोप से बृहस्पति को देख रहे थे और इन दोनों ने ही दुनिया को इस बृहस्पति पर हुई इस ताजा हलचल की जानकारी दी। फिलीपीन्स के क्रिस्टोफर गो तो उस वक्त टेलिस्कोप से बृहस्पति की फिल्म भी बना रहे थे, इसलिए संयोग से उन्होंने बृहस्पति पर हुई इस टक्कर की फिल्म भी बना डाली।
ऑस्ट्रेलिया के एंथोनी वेस्ली ने अपनी वेब साइट पर लिखा है कि मैं बृहस्पति का ऑब्जरवेशन कर रहा था कि तभी एक विशाल आग का गोला बृहस्पति से जा टकराया। खास बात ये कि 2009 में बृहस्पति से हुई विशाल उल्का की टक्कर भी सबसे पहले वेस्ली ने ही देखी थी और उसकी तस्वीरें भी लेने में सफल रहे थे। तब करीब 500 मीटर की एक विशाल उल्का बृहस्पति से जा टकराई थी, जिससे बृहस्पति के दक्षिणी हिस्से पर हमारे प्रशांत महासागर जितना बड़ा दाग पड़ गया था।

1 टिप्पणी: