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रविवार, 6 जून 2010

क्या बीटलगीज सुपरनोवा धरती को खा जाएगा?


इंटरनेट पर धरती के खत्म हो जाने का एक डर हर दिन दोगुनी तेजी के साथ बढ़ता जा रहा है। कुछ लोग एक दूसरे को ईमेल भेज कर ये आशंका जाहिर कर रहे हैं कि आसमान से कयामत धरती पर बरपा होने वाली है और इस कयामत का नाम है बीटलगीज सुपरनोवा।
नहीं, आसमान के सबसे चमकीले सितारों में से एक बीटलगीज अभी सुपरनोवा नहीं बना है, लेकिन इस प्रक्रिया में जरूर है। आसमान में अकसर आपको तीन चमकीले सितारे एक लाइन में एक-दूसरे से समान दूरी पर चमकते नजर आते होंगे। इन तीन सितारों को ओरियन बेल्ट कहते हैं। इस बेल्ट के पहले सितारे से ठीक ऊपर नजर आने वाला नारंगी रंग का चमकीला सितारा ही बीटलगीज है। बीटलगीज सुपररेडजाइंट है, यानि वो फूलकर विशाल गुब्बारे जैसा हो चुका है और अंतिम सांसे गिन रहा है। इंटरनेट पर चल रही अफवाहों में ये आशंका जताई जा रही है कि कुछ ही महीने बाद एक सुपरनोवा धमाके के साथ बीटलगीज की मौत होने वाली है। कहा जा रहा है कि अगर बीटलगीज में सुपरनोवा धमाका हुआ तो एक ही झटके में धरती का सफाया हो जाएगा। कुछ लोग इसे माया सभ्यता के 2012 वाले मशहूर विनाश के कैलेंडर से भी जोड़कर देख रहे हैं।
क्या वाकई ऐसा हो सकता है? क्या वाकई अगर बीटलगीज सितारा फटता है तो धरती भाप बनकर उड़ जाएगी? जानते हैं, इन आशंकाओं में आखिर सच्चाई कितनी है। ये बात तो सच है कि बीटलगीज बस अपनी मौत के मुहाने पर है और वो एक दिन सुपरनोवा धमाके के साथ खत्म हो जाएगा। लेकिन वो दिन कब आएगा? एस्ट्रोनॉमर फिल प्लाइट बताते हैं कि अव्वल तो आने वाले कई महीनों तक भी बीटलगीज में सुपरनोवा धमाका होने की कोई संभावना नहीं है। दूसरा, अगर मान भी लिया जाए कि ये सुपरनोवा धमाका कल होने वाला है तो भी ये सितारा हमसे करीब 600 प्रकाश वर्ष दूर है, इसलिए आसमान में होने वाले इस महाविस्फोट का धरती पर कोई असर होने की दूर-दूर तक भी कोई संभावना नहीं है।
स्पेस साइंस से जुड़ी तमाम आशंकाओं का जवाब देने के लिए एस्ट्रोनॉमर फिल प्लाइट बैड एस्ट्रोनॉमी नाम से एक वेबसाइट भी चला रहे हैं। प्लाइट बताते हैं कि इंटरनेट पर बीटलगीज सुपरनोवा की अफवाह 'लाइफ आफ्टर ऑयल क्रैश फोरम' पर एक पोस्ट से शुरू हुई। इस पोस्ट में कहा गया था कि बीटलगीज सुपरनोवा बनकर फटने वाला है और इसके जबरदस्त धमाके से धरती की सारी फसलें जल जाएंगी और पूरी मानव जाति का सफाया हो जाएगा। एस्ट्रोनॉमर फिल प्लाइट और दूसरे स्पेस साइंटिस्ट इसे महज अफवाह ही बता रहे हैं। इन वैज्ञानिकों का कहना है कि बीटलगीज में अगले 10,000 साल तक सुपरनोवा विस्फोट होने की कोई संभावना नहीं है और बीटलगीज में सुपरनोवा विस्फोट का दिन और तारीख बताना पूरी तरह से नामुमकिन है। वैज्ञानिकों का कहना है कि बीटलगीज सुपरनोवा धमाके से धरती को खतरा जैसी बातें पूरी तरह से अफवाह हैं और ये उन्हीं शारारती तत्वों की करतूत है जो लॉर्ज हैड्रॉन कोलाइडर में प्रोटॉन बीम की टक्कर के प्रयोग से पहले दुनिया को ब्लैक होल के खतरे से डरा रहे थे। डरने की कोई बात नहीं है, हमारी धरती पूरी तरह से सुरक्षित है।

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