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गुरुवार, 15 जुलाई 2010

दिन का सितारा- ‘टाइको सुपरनोवा’

आप जो तस्वीर देख रहे हैं ये तस्वीर है टाइको सुपरनोवा की। इस तस्वीर के बाईं ओर ऊपर की ओर जो लाल रंग का वृत्त सा नजर आ रहा है इसे ध्यान से देखिए, ये एक सितारे के अवशेष हैं, और इसका नाम है SN 1572. इस सुपरनोवा की खोज एस्ट्रोनॉमर टाइको ब्राह ने की थी, इसीलिए उनके नाम पर ही इसका नाम टाइको का सुपरनोवा रख दिया गया।

1572 का नवंबर महीना था, कि तभी दिन के आसमान में एक तेज चमकदार सितारा सा नजर आया, ये बिल्कुल अनोखी घटना थी। आजकल रात में नजर आने वाले शुक्र ग्रह जैसा तेज चमकदार सितारा दिन के आसमान में नजर आ रहा था। इसे देखा तो कई लोगों ने लेकिन इसे खोजना शुरू किया डेनमार्क के एस्ट्रोनॉमर टाइको ब्राह ने। उन्होंने पता लगाया कि ये एक सुपरनोवा है, जिसका धमाका और उससे निकली चमक इतनी जबरदस्त थी कि धरती से वो दिन के वक्त भी आसमान में नजर आ रही थी। दिन से आसमान पर ये सुपरनोवा अगले दो साल तक दिखाई देता रहा और फिर मंद होते-होते गायब हो गया। 1950 में इस सुपरनोवा अवशेषों को आधुनिक वैज्ञानिकों ने टेलिस्कोप की मदद से फिर से देखा। और इस सुपरनोवा की ये ताजा तस्वीर ली है नासा के स्पिटजर स्पेस टेलिस्कोप ने। इस तस्वीर में नजर आ रहे चमकीले हिस्से दरअसल धूल और गैस के गहरे बादल हैं, जो सुपरनोवा धमाके से निकली शॉक-वेव की वजह से बेहद गर्म होकर चमक उठे हैं।

हमसे करीब 3500 प्रकाश वर्ष दूर मौजूद और करीब 35 प्रकाशवर्ष तक बिखरे सुपरनोवा के इस अवशेष में उमड़ती-घुमड़ती गर्म गैसें और घनी धूल के इस गुबार में अब एक नए सितारे के जन्म लेने की प्रक्रिया जारी है।

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